उत्तराखंड-अंग्रेज प्रसाशन-2 (Uttarakhand – British Administration-2)

उत्तराखंड-अंग्रेज प्रसाशन भाग-2


Uttarakhand – British Administration Part -2


हैनरी रैमेज (1856 – 1884) –

  • हैनरी रैमेज का सबसे लम्बा कार्यकाल था।
  • लॉर्ड डलहौजी हैनरी रैमेज के चाचा थे।
  • हैनरी रैमेज मुलत:: स्कोटलैंड का निवासी था।
  • हैनरी रैमेज का विवाह लुसिंगटन की पुत्री दे हुआ था।
  • हैनरी रैमेज के समय अल्मोड़ा में गणेश का गौर नामक एक स्थल था जहां पर हैनरी रैमेज ने 1854 में कुष्ठ आश्रम की स्थापना की थी।
  • हैनरी रैमेज को कुमाऊँ का बेताज बादशाह,राम जी , king of kumaoun कहा जाता था।
  • हैनरी रैमेज इसाई मत का प्रबल प्रचारक था।
  • हैनरी रैमेज ने नैनीताल को स्कूली शिक्षा केंद्र के रोप्प में विकसित किया था।
  • 1850 में हैनरी रैमेज ने मिशन स्कूल खोला था।
  • 1867 में हैनरी रैमेज ने शेरवुड स्कूल बनवाया था।
  • 1877 में हैनरी रैमेज द्वारा स्टोलन स्कूल बनवाया था।
  • 1878 में हैनरी रैमेज द्वारा सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल बनवाया था।
  • 1883 में हैनरी रैमेज ने तराई भाभर के विकास हेतु तराई उत्सर्जन निधि बनाई थी।
  • 1858 में हैनरी रैमेज के सहयोगी पादरी विलियम बटलर ने नैनीताल में भारत के प्रथम मैथो डिस्ट चर्च की स्थापना की थी।
  • उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन का प्रथम प्रयास हैनरी रैमेज के द्वारा किया गया था।
  • 1867 में नैनीताल में प्रथम बार भूस्खलन हुआ था तो हैनरी रैमेज के द्वारा हिलसाइड सेफ्टी कमेटी गठित की गयी थी।
  • नैनीताल में 1880 में भीषण भूस्खलन हुआ था जिसमे बहुत से लोगों इ मृत्यु हो गयी थी।
  • 1857 की क्रांति हैनरी रैमेज के दौरान ही हुई थी। हैनरी रैमेज ने उत्तराखंड में 1857के संग्राम के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी तथा गोरखा सैनिको की नियुक्ति की थी जिन्हें रणवीर सेना कहा जाता है।
  • हैनरी रैमेज ने कुमाऊँ क्षेत्र में 1857 में मार्शल लाँ लागू किया था।
  • नैनीताल में स्थित फांसी का गधेरा जगह में विद्रोहियों को फांसी की सज़ा दी जाती थी।
  • हैनरी रैमेज के काल में बेटन के द्वारा लागू 8 वाँ भूमि बंदोबस्त गढ़वाल व् कुमाऊँ में पूर्ण किया गया था। यह 1860 तक प्रभावी रहा
  • था।
  • हैनरी रैमेज के सहायक आयुक्त बैकेट को भूमि बंदोबस्त का कार्य दिया गया था इसलिए बैकेट नेकुमाऊँ व् गढ़वाल में 1863 में एक नया भूमि बंदोबस्त लागू किया था।
  • हैनरी रैमेज द्वारा पहली बार वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया गया था।हैनरी रैमेज के अनुसार ही भूमि का वर्गीकरण किया गया था।
  • हैनरी रैमेज के अनुसार ही मार गुजारी (कर) तय किया गया था।
  • हैनरी रैमेज द्वारा किया गया भूमि का विभाजन –
  • हैनरी रैमेज ने भूमि को 4 श्रेणियों में बाटा गया था-
  • 1. तलाव भूमि –
    तलाव भूमि को 2 भागो में बाटा गया था।
    1.अव्वल – यह स्थायी सिंचित भूमि होती थी।
    2. दोयम – दोयम भूमिवह भूमि होती थी जो सिंचाई ,वर्षा व् नहर पर आधारित रहती थी।
    2. उपराव भूमि – उपराव भूमि को 2 भागो में बाटा गया था।
    1.अव्वल – शुष्क सीढ़ीदार उच्च भूमि
    2. दोयम –
    3. उखर भूमि – उखर भूमि को 2 भागो में बाटा गया था।
    1.अव्वल
    2. दोयम
    4. कंटील / इमराव भूमि – यह वह भूमि होती थी जहाँ सिंचाई की व्यवस्था नहीं होती थी।
  • 1872 में तराई को कुमाऊँ कमिश्नरी में शामिल कर लिया गया था।
  • 1869 में रानीखेत में हैनरी रैमेज द्वारा थाने के स्थापना की गयी थी।
  • हैनरी रैमेज द्वारा तराई में सिंचाई व्यवस्था हेतु नहरों का निर्माण करवाया गया था।
  • हैनरी रैमेज द्वारा उत्तराखंड का प्रथम वन संरक्षण का प्रयास किया गया था।
  • 1884 में हैनरी रैमेज द्वारा काठगोदाम में रेलमार्ग का निर्माण कराया था।
  • हैनरी रैमेज ने अल्मोड़ा में अंग्रेजों को बसने से रोक दिया था।
  • हैनरी रैमेज ने सिविल पुलिस के स्थान पर राजस्व पुलिस बनाया था।
  • 1850 में हैनरी रैमेज ने रामनगर की स्थापना की थी।
  • 1857 की क्रांति के बाद पी. वेली अधिकारी को उत्तराखंड में न्यायिक समीक्षा हेतु भेजा गया था इसलिए 1874 में अधिसूचित जिला अधीनियम लागू किया गया था।

एच.जी.रौस (1885 – 1887) –

  • एच.जी.रौस के समय मई 1887 में अल्मोड़ा में गढ़वाल रायफल की स्थापना जी गयी थी।
  • दिसम्बर 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई थी।

जे.ई. असकिन (1889 – 1892)-

  • जे.ई. असकिन के समय 1889 में लाएसेंस निति आई थी।
  • 1891 में नैनीताल जिले का गठन किया गया था।

रॉबर्ट (1892 – 1894) –

  • रॉबर्ट के समय वन निति आई थी।
  • 1893 में डाक्टर लिंगार्ड की सहायता से मुक्तेश्वर में पशु अनुसंधान संसथान का गठन किया था।

ई.ई. ग्रिज (1894 – 1898) –

  • 1897 में महारानी विक्टोरिया के समक्ष प्रथम बार उत्तराखंड को प्रथक प्रान्त बनाने की मांग की गयी थी।

आर.ई. हैम्वलिन (1899 – 1902) –

  • आर.ई. हैम्वलिन के समय 1901 में गढ़वाल यूनियन की स्थापना की थी।
  • 1902 में आर.ई. हैम्वलिन के समय नैनीताल में जेल की स्थापना की गयी थी।