उत्तराखंड की भोटिया जनजाति (Bhotia Tribe of Uttarakhand)

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उत्तराखंड की भोटिया जनजाति


Bhotia Tribe of Uttarakhand


उत्तराखंड की भोटिया जनजाति एक अर्धघुमन्तू जनजाति है।भोटिया जनजाति अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जनपद मे रहती हैं।

भोटिया जनजाति की उत्पति- 

  • भोटिया जनजाति की उत्पति मंगोल प्रजाति से हुई।
  • भोटिया जनजाति लो खुद को किरात वंशीय खस राजपूत मानते हैं।

भोटिया जनजाति का निवास- 

  • भोटिया जनजाति चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा जनपदों के उत्तरी भागों में ऊँचाई वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं।
  • भोटिया जनजाति महाहिमालय की सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति है।

भोटिया जनजाति का आवास- 

ग्रीष्मकालीन आवास

  • ग्रीष्म ऋतु में भोटिया जनजाति के लोग  2000-3000 मीटर ऊंचाई वाले स्थानों रहते है।
  • भोटिया जनजाति के लोग ऊंचाई वाले स्थानों जहां चारागाह की सुविधा हो वहाँ ग्रीष्म ऋतु में आवास बनाकर रहते हैं।

शीतकालीन आवास

  • भोटिया जनजाति के लोग शीत ऋतु शुरू होते ही अपने परिवार एवं पशुओं के साथ घाटियों में अपने गुण्डा या मुनसा में लौट आते हैं।

भोटिया जनजाति की शारीरिक बनावट- 

  • भोटिया जनजाति के लोगों की शारीरिक बनावट तिब्बती (Tibetan), मंगोलियन (Mongolian) जाति के मिश्रण है।
  • भोटिया जनजाति के लोगों का कद छोटा, चेहरा गोल, सिर बड़ा, आंख छोटी, नाक चपटी होती है।
  • भोटिया जनजाति के लोगों के बालों का रंग भूरा होता है।

भोटिया जनजाति का पहनावा- 

पुरुष-

  • भोटिया जनजाति के पुरुष घुटनों तक का कोट(रंगा), ऊनी पजामा(गैजू या खगचसी) टोपी(चुंगठी या चुकल), ऊनी जूता(बांखे) पहनते है।

स्त्रियां-

  • भोटिया जनजाति की महिलाएं पूरी बांह का वस्त्र (च्युमाला), आधी बांह का वस्त्र (च्युं), टोपीनुमा वस्त्र (च्युंकला), कमर में बांधने वाला वस्त्र (ज्युख्य) पहनती है।

भोटिया जनजाति की उपजातियां- 

भोटिया जनजाति की उपजातियां 3 जनपदों में रहती है –

  • चमोली– मारक्षा,तोलच्छा
  • उत्तरकाशी- जाड़ भोटिया
  • पिथौरागढ़- जौहारी, शौका

भोटिया जनजाति की सामाजिक व्यवस्था-

  • भोटिया जनजाति में पितृसत्तात्मक एवं पितृस्थानीय प्रकार का परिवार पाया जाता है।
  • भोटिया जनजाति में स्त्री को भी पुरुष के समान ही अधिकार  प्राप्त है।
  • भोटिया जनजाति के लोग बुजुर्गों का बहुत सम्मान करते है।
  • भोटिया जनजाति में पिता के जीवित रहते हुए ही संपत्ति का विभाजन हो जाता है।

भोटिया जनजाति विवाह प्रथा- 

  • भोटिया जनजाति में रंग-बंग(युवा ग्रह) प्रथा का प्रचलन था।
  • भोटिया जनजाति में एक पत्नी प्रथा का प्रचलन है परन्तु कहीं-कहीं में भावज-देवर विवाह, गन्धर्व विवाह भी होता है।
  • भोटिया जनजाति में विवाह के शुभअवसर पर हाथों में रुमाल लेकर पोंणा नृत्य किया जाता है।

भोटिया जनजाति का धर्म – 

  • भोटिया जनजाति के लोग हिन्दू धर्म को मानते है।
  • सिर्फ़ उत्तरकाशी में रहने वाले कुछ लोगों ने बोध धर्म अपना लिया है।

भोटिया जनजाति देवी देवतायें

  • भोटिया जनजाति के लोग भूम्याल देवता, नंदादेवी , दुर्गा, कैलाशपर्वत, ग्वाला, हाथी पर्वत आदि देवी-देवताओं की पूजा करते है।
  • भोटिया जनजाति में कंडाली नामक एक उत्सव मनाया जाता है जो प्रत्येक12वें वर्ष में होता है।

भोटिया जनजाति लोकगीत-

  • बाज्यू, तिमली, तुबेरा आदि भोटिया जनजाति के प्रमुख लोकगीत है।

भोटिया जनजाति वाद्ययंत्र –

  • हुड़का भोटिया जनजाति का प्रमुख वाद्ययंत्र है।

भोटिया जनजाति अर्थव्यवस्था-

  • भोटिया जनजाति के लोग कृषि, पशुपालन, व्यापार व ऊनी दस्तकरी आदि व्यवसाय करते है।